भारत में पुलिस, सरकार की एक ऐसी एजेंसी है, जो जनता की किसी भी जरूरत पर सहायतार्थ सबसे पहले पहुँचती है। फिर चाहे वे आतंकवादी या घुसपैठी हमले हों, साधारण जुर्म, कानून व्‍यवस्‍था, प्राकृतिक या मानवनिर्मित आपदा या आपातकालीन मानवीय सहायता ही क्‍यों न हो, पुलिस सदैव सबसे आगे रहती है। नागरिकों को सार्थक, स्‍वच्‍छन्‍द व निर्भीक जीवन व्‍यतीत करने हेतु  शान्तिपूर्ण वातावरण की स्‍थापना, जो कि सरकार का प्रथम मौलिक कर्तव्‍य है, करने में पुलिस का असीम योगदान है। 
 

इन चुनौतियों का सामना करते समय कितनी ही बार पुलिस अधिकारियों को अपनी शहादत देनी पड़ती है और अपने निजी पारिवारिक दायित्‍वों की उपेक्षा भी करनी पड़ती है। गत 20 वर्षों में औसतन लगभग 700 पुलिसजन प्रतिवर्ष कर्तव्‍य पालन करते हुए शहीद हुए हैं। आज़ादी के बाद से अब तक लगभग 33,000 से भी ज्‍यादा पुलिसकर्मियों ने कर्तव्‍य की वेदी पर अपने प्राणों की आहुति दी है, जो अन्‍य किसी भी सरकारी विभाग या संस्‍था से कहीं ज्‍यादा है।
 

इस वेबसाइट के माध्‍यम से जनसाधारण को पुलिस के द्वारा शान्ति और सद्भाव बनाए रखने के प्रयासों से अवगत कराने की कोशिश की गई है। विशिष्‍ट रूप से उन वीर पुलिसकर्मियों तथा जिन परिस्थितियों में उन्होंने आत्‍मबलिदान दिया, उसे भी दर्शाया गया है। 


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